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स्वस्थ रहने के लिए 10 आसान और जरूरी बातें, जिन्हें हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए

हम अक्सर अपनी सेहत के बारे में तब सोचते हैं, जब शरीर में कोई परेशानी शुरू हो जाती है। उससे पहले काम, घर, मोबाइल और दूसरी जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त रहते हैं कि अपने शरीर के लिए समय निकालना ही भूल जाते हैं।
लेकिन सच कहें तो स्वस्थ रहने के लिए हमेशा कोई बहुत मुश्किल काम करने की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो अपनी सेहत को बेहतर रखने में काफी मदद मिल सकती है।
अच्छा खाना, पर्याप्त नींद, थोड़ा चलना-फिरना, साफ-सफाई रखना और अपने मन को आराम देना—ये ऐसी बातें हैं जिन्हें हम अपनी सामान्य दिनचर्या में आसानी से शामिल कर सकते हैं।
तो चलिए बिना किसी कठिन भाषा के समझते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

स्वस्थ रहने के लिए 10 आसान आदतें जैसे संतुलित भोजन, व्यायाम, योग और पर्याप्त नींद


1. खाने पर थोड़ा ध्यान देना शुरू करें

हमारे घर में अक्सर कहा जाता है कि जैसा खाना, वैसा शरीर। यह बात पूरी तरह गलत भी नहीं है।
अगर हम रोज बाहर का बहुत ज्यादा तला-भुना खाना, पैकेट वाले स्नैक्स और बहुत ज्यादा मीठी चीजें खाते रहें, तो यह हमारी पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। इसलिए कोशिश करें कि खाने में घर का बना और पौष्टिक भोजन ज्यादा हो।
इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपनी पसंद की हर चीज छोड़ देनी है। कभी-कभी पसंद की चीज खाना सामान्य बात है। बस रोज का खाना थोड़ा संतुलित रखना जरूरी है।

खाने में क्या शामिल कर सकते हैं?

दाल, चना, राजमा जैसी चीजें।
हरी और दूसरी मौसमी सब्जियां।
अपनी पसंद के ताजे फल।
दूध या उसके उपयुक्त विकल्प।
साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ।
जरूरत के अनुसार थोड़े मेवे और बीज।
एक ही चीज को बार-बार खाने के बजाय भोजन में अलग-अलग पौष्टिक चीजें शामिल करना बेहतर रहता है।
और एक छोटी सी आदत बहुत काम की है—भूख से ज्यादा खाने से बचें और खाना आराम से खाएं।

2. दिनभर बैठे रहने के बजाय थोड़ा चलते-फिरते रहें

आजकल बहुत से लोगों का काम ऐसा है जिसमें घंटों कुर्सी पर बैठना पड़ता है। घर पर भी मोबाइल देखने या टीवी देखने में काफी समय निकल जाता है।
ऐसे में शरीर को थोड़ा चलाना जरूरी है।
अगर आपके पास जिम जाने का समय नहीं है तो कोई परेशानी नहीं। आप अपने दिन में सामान्य तरीके से भी गतिविधि बढ़ा सकते हैं।
जैसे:
कुछ दूरी के लिए पैदल जाएं।
लिफ्ट की जगह कभी-कभी सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
काम के बीच थोड़ी देर उठकर चलें।
सुबह या शाम टहलने की आदत डालें।
अपनी क्षमता के अनुसार हल्की एक्सरसाइज करें।
बच्चों के साथ खेलें या कोई पसंदीदा शारीरिक गतिविधि करें।
शुरुआत में बहुत ज्यादा करने की जरूरत नहीं है। कम से शुरू करें, लेकिन नियमित रहने की कोशिश करें।

3. योग करें, लेकिन शरीर की क्षमता के हिसाब से

स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग और ध्यान


योग आजकल बहुत लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। कुछ लोगों को योग करने से शरीर को सक्रिय रखने और मन को शांत महसूस करने में मदद मिलती है।
अगर आपने पहले कभी योग नहीं किया है, तो शुरुआत में कठिन आसन करने की जरूरत नहीं है। आसान अभ्यासों से शुरुआत करें और धीरे-धीरे आगे बढ़ें।
योग करते समय अगर किसी आसन से दर्द या परेशानी महसूस हो तो उसे जबरदस्ती न करें।
आप चाहें तो रोज कुछ समय:
हल्के योगासन कर सकते हैं।
सांस से जुड़े आसान अभ्यास कर सकते हैं।
कुछ समय शांत बैठ सकते हैं।
शरीर को हल्का स्ट्रेच कर सकते हैं।
अगर आपको पहले से कोई बीमारी या शारीरिक परेशानी है, तो योग शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

4. नींद को कभी नजरअंदाज न करें

हममें से बहुत लोग नींद को सबसे आखिर में रखते हैं।
"बस आज थोड़ा देर से सोते हैं", "एक वीडियो और देख लेते हैं", "कल जल्दी उठ जाएंगे"—ऐसा करते-करते रात काफी हो जाती है।
फिर सुबह उठने में परेशानी होती है और पूरा दिन थका हुआ महसूस हो सकता है।
इसलिए सोने का एक सामान्य समय बनाने की कोशिश करें। अधिकांश वयस्कों को आम तौर पर लगभग 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत होती है।

नींद अच्छी करने के लिए क्या करें?

रोज लगभग एक ही समय पर सोने की कोशिश करें।
सोने से पहले मोबाइल कम इस्तेमाल करें।
रात में बहुत ज्यादा भारी खाना खाने से बचें।
कमरे का माहौल शांत और आरामदायक रखें।
दिन में कुछ शारीरिक गतिविधि जरूर करें।
अगर आपको लंबे समय से नींद आने में परेशानी हो रही है, तो इसे सिर्फ आदत समझकर नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।

5. पानी पीना न भूलें

गर्मी में तो हमें बार-बार पानी याद आ जाता है, लेकिन कई लोग बाकी दिनों में पानी पीने पर ध्यान ही नहीं देते।
शरीर को ठीक तरह से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है। बहुत ज्यादा पसीना आने, गर्मी या शारीरिक मेहनत के दौरान तरल पदार्थों की जरूरत बढ़ सकती है।
लेकिन हर व्यक्ति के लिए रोज 4 या 5 लीटर पानी जरूरी है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। पानी की जरूरत व्यक्ति और परिस्थिति के हिसाब से अलग हो सकती है।
एक आसान तरीका यह है कि दिनभर पानी पीने की आदत रखें और बहुत ज्यादा प्यास लगने या शरीर में पानी की कमी के संकेतों को नजरअंदाज न करें।
बाहर जाते समय पानी की बोतल साथ रखना भी अच्छी आदत है।
अगर डॉक्टर ने किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण पानी या तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी है, तो उनकी सलाह को ही प्राथमिकता दें।

6. अपने आसपास और शरीर की सफाई रखें

स्वस्थ रहने की बात हो और साफ-सफाई का जिक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है?
हमारे हाथ दिनभर न जाने कितनी चीजों को छूते हैं। इसलिए खाना खाने से पहले और शौचालय इस्तेमाल करने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोना बहुत सामान्य लेकिन जरूरी आदत है।
इसके अलावा:
फल और सब्जियों को साफ करके इस्तेमाल करें।
खाना बनाने वाली जगह को साफ रखें।
भोजन को खुला छोड़ने से बचें।
रोजाना व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें।
साफ कपड़े पहनें।
घर में साफ-सफाई बनाए रखें।
ये छोटी बातें हैं, लेकिन इन्हें रोज की आदत बना लेना ज्यादा अच्छा है।

7. धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं

सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और दूसरे तंबाकू उत्पादों से दूर रहना सेहत के लिए अच्छी आदत है।
कई लोग जानते हुए भी इसे छोड़ नहीं पाते क्योंकि लंबे समय की आदत को अचानक छोड़ना उनके लिए मुश्किल हो सकता है।
अगर आप तंबाकू छोड़ना चाहते हैं तो खुद को दोष देने के बजाय धीरे-धीरे सही मदद लेने की कोशिश करें। परिवार का सहयोग और स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह भी मददगार हो सकती है।
इसी तरह शराब का सेवन भी स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। इससे दूरी बनाना बेहतर विकल्प है।

8. अपने मन को भी आराम दें

हम शरीर की थकान को तो समझ लेते हैं, लेकिन मन की थकान को कई बार नजरअंदाज कर देते हैं।
घर की जिम्मेदारी, काम का तनाव, पैसों की चिंता या किसी बात को लेकर लगातार सोचते रहना मन को परेशान कर सकता है।
ऐसे समय में किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना, थोड़ा आराम करना या अपनी पसंद का काम करना अच्छा लग सकता है।
आप अपने लिए रोज थोड़ा समय निकाल सकते हैं।

मानसिक रूप से बेहतर महसूस करने के लिए क्या कर सकते हैं?

कुछ समय मोबाइल से दूर रहें।
परिवार के साथ बैठकर बात करें।
टहलने जाएं।
संगीत सुनें।
योग या ध्यान करें।
अपनी पसंद का कोई काम करें।
जरूरत महसूस हो तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से अपनी परेशानी साझा करें।
अगर उदासी, घबराहट या तनाव लंबे समय तक बना रहता है और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं, तो किसी योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना सही रहेगा।

9. छोटी परेशानी को हमेशा नजरअंदाज न करें

कभी-कभी हमें लगता है कि यह तो सामान्य परेशानी है, अपने आप ठीक हो जाएगी। कई बार ऐसा होता भी है, लेकिन अगर कोई समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय से बनी हुई है, तो उसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।
उदाहरण के लिए अगर लगातार कमजोरी, दर्द, सांस लेने में परेशानी, नींद की गंभीर समस्या या कोई अन्य असामान्य लक्षण बना हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
इंटरनेट पर किसी बीमारी के लक्षण पढ़कर खुद से बीमारी तय करना या दवा शुरू करना सही तरीका नहीं है।
इंटरनेट की जानकारी सामान्य जानकारी दे सकती है, लेकिन सही जांच और इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है।

10. अपनी सेहत के लिए एक साथ सब कुछ बदलने की कोशिश न करें

यह बात शायद सबसे ज्यादा जरूरी है।
बहुत लोग नए साल या किसी खास दिन से अचानक अपनी पूरी जिंदगी बदलने का फैसला कर लेते हैं।
पहले दिन खूब एक्सरसाइज, सख्त डाइट, सुबह जल्दी उठना और रात को जल्दी सोना शुरू कर देते हैं। कुछ दिन बाद सब मुश्किल लगने लगता है और पुरानी दिनचर्या वापस आ जाती है।
इससे अच्छा है कि छोटे बदलाव करें।
आज सिर्फ 15-20 मिनट पैदल चलना शुरू करें।
फिर खाने में एक पौष्टिक चीज जोड़ें।
फिर सोने का समय थोड़ा ठीक करें।
धीरे-धीरे यही छोटी आदतें आपकी सामान्य दिनचर्या बन सकती हैं।

सुबह से रात तक एक आसान हेल्दी रूटीन

अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कहां से करें, तो अपनी दिनचर्या को बहुत सरल रखें।

सुबह क्या करें?

समय पर उठने की कोशिश करें।
थोड़ा पानी पिएं।
अपनी क्षमता के अनुसार टहलें या हल्की एक्सरसाइज करें।
नाश्ता न छोड़ें, खासकर अगर आपको सुबह भूख लगती है।

दिन में क्या करें?

घर का संतुलित खाना खाने की कोशिश करें।
पानी पीते रहें।
लगातार कई घंटे बैठे न रहें।
बीच-बीच में थोड़ा चलें।

शाम को क्या करें?

कुछ समय टहलने के लिए निकाल सकते हैं।
परिवार के साथ समय बिताएं।
बहुत ज्यादा जंक फूड खाने की आदत से बचें।

रात को क्या करें?

जरूरत से ज्यादा भारी भोजन न करें।
सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें।
रोज लगभग एक समय पर सोने की कोशिश करें।
याद रखें, यह कोई कठोर नियम नहीं है। हर व्यक्ति की जिंदगी और जिम्मेदारियां अलग होती हैं। अपनी सुविधा के अनुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है।

स्वस्थ रहने के लिए किन गलतियों से बचें?

अच्छी आदतों के साथ कुछ सामान्य गलतियों से बचना भी जरूरी है।
रोज बहुत ज्यादा तला-भुना खाना।
हर समय मीठे पेय पीना।
घंटों एक ही जगह बैठे रहना।

लगातार रात में देर तक जागना।

धूम्रपान या तंबाकू का सेवन।
अपनी परेशानी को लंबे समय तक नजरअंदाज करना।
इंटरनेट देखकर खुद से दवा लेना।
बिना जानकारी के बहुत सख्त डाइट शुरू कर देना।
एक्सरसाइज में अपनी क्षमता से ज्यादा जोर लगाना।

आखिर में एक जरूरी बात

स्वस्थ रहने का मतलब यह नहीं है कि आपको हर दिन बिल्कुल perfect रहना है।
कभी बाहर का खाना खा लिया, एक दिन एक्सरसाइज नहीं कर पाए या किसी दिन देर से सोए—इससे सब कुछ खराब नहीं हो जाता।
असल बात यह है कि आपकी ज्यादातर आदतें कैसी हैं।
अगर आप ज्यादातर दिनों में अच्छा खाना खाते हैं, शरीर को सक्रिय रखते हैं, पर्याप्त नींद लेते हैं, साफ-सफाई रखते हैं और अपने मन को भी थोड़ा समय देते हैं, तो आप अपनी जीवनशैली को बेहतर दिशा में ले जा सकते हैं।
इसलिए आज से कोई बहुत बड़ा लक्ष्य बनाने की जरूरत नहीं है।
बस एक छोटी अच्छी आदत चुनिए और उसे लगातार करने की कोशिश कीजिए।
धीरे-धीरे यही छोटी-छोटी चीजें आपकी जिंदगी का हिस्सा बन सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरूरी क्या है?

संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि, साफ-सफाई और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना सभी जरूरी हैं। किसी एक चीज को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कहना सही नहीं होगा।

क्या स्वस्थ रहने के लिए रोज जिम जाना जरूरी है?

नहीं। जिम जाना जरूरी नहीं है। पैदल चलना, योग करना, साइकिल चलाना, खेलना या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी शारीरिक गतिविधियां भी की जा सकती हैं।

रोज कितना पानी पीना चाहिए?

हर व्यक्ति की पानी की जरूरत अलग होती है। मौसम, भोजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार जरूरत बदल सकती है। इसलिए सभी के लिए एक निश्चित मात्रा बताना सही नहीं है।

कितने घंटे की नींद अच्छी मानी जाती है?

अधिकांश वयस्कों के लिए लगभग 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत हो सकती है। बच्चों और किशोरों की जरूरत इससे अलग होती है।

क्या स्वस्थ खाना मतलब पसंद की चीजें बिल्कुल छोड़ देना है?

नहीं। स्वस्थ जीवनशैली का मतलब हर पसंदीदा चीज छोड़ देना नहीं है। मुख्य बात यह है कि रोज का भोजन संतुलित हो और बहुत ज्यादा तला-भुना, मीठा या अत्यधिक प्रोसेस्ड खाना सीमित रखा जाए।

क्या इंटरनेट से देखकर बीमारी की दवा ले सकते हैं?

नहीं। इंटरनेट पर मिली जानकारी सामान्य जानकारी के लिए हो सकती है। बीमारी की पहचान और दवा के लिए योग्य डॉक्टर की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है।

अस्वीकरण: 

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। इसे डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह, जांच या इलाज का विकल्प न समझें। अगर आपको कोई बीमारी, लगातार लक्षण या विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।



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